विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण रोज़गार योजना मनरेगा को समाप्त करने के मोदी सरकार के कथित निर्णय ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है। यह फैसला विशेष रूप से महिलाओं, पिछड़े वर्गों, दलितों, आदिवासियों और अकुशल श्रमिकों के अधिकारों पर सीधा हमला है।


इसी के विरोध में AICC के आह्वान पर और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आदरणीय अमन गर्ग जी के नेतृत्व में महानगर कांग्रेस कमेटी द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं की एकजुटता
इस प्रेस वार्ता में
वरुण बलियान, एडवोकेट परितोष त्यागी, मयंक, अंजू मिश्रा, रोहित नेगी, लता जोशी, अनिल भास्कर, कैलाश सी. भट्ट, जतिन हांडा, विमल शर्मा, सत्तू सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों की जीवनरेखा है। इसे कमजोर करना सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की भावना के खिलाफ है।
यह विरोध नहीं, अधिकारों की लड़ाई है
महानगर कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि
मनरेगा बचाओ संग्राम केवल विरोध नहीं, बल्कि मज़दूरों के सम्मान, रोज़गार के अधिकार और सामाजिक न्याय की निर्णायक लड़ाई है।
इस आंदोलन को युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और वरिष्ठ कांग्रेस नेतृत्व का भी पूरा समर्थन प्राप्त है।
इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के कई नेताओं के समर्थन का उल्लेख किया गया, जिनमें
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, हरीश रावत, गणेश गोदियाल, प्रीतम सिंह, यशपाल आर्य, करण माहरा, हरीश धामी, डॉ. हरक सिंह रावत, उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस एवं ऑल इंडिया महिला कांग्रेस शामिल हैं।
कांग्रेस का संकल्प
कांग्रेस पार्टी ने साफ किया कि जब तक मनरेगा और मज़दूरों के अधिकार सुरक्षित नहीं होते, तब तक यह संघर्ष सड़क से संसद तक जारी रहेगा।
मनरेगा बचाओ – मज़दूर बचाओ – देश बचाओ।
