वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नौवें आम बजट से उत्तराखंड को भी 9 बड़ी उम्मीदें, जानें

संक्षेप:Budget 2026: इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं की वजह से राज्य को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं मानव-वन्यजीव संघर्ष भी करीब-करीब चरम की ओर है। आज आम बजट से उत्तराखंड को 9 बड़ी उम्मीदे हैं।

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नौवें आम बजट से उत्तराखंड को भी नौ बड़ी उम्मीदें हैं। रविवार सुबह जब लोकसभा में वित्त मंत्री बजट पेश करेंगी, तब पूरे उत्तराखंड की नजर इस पर रहेगी। राज्य के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। जहां इसी वित्तीय वर्ष में हरिद्वार में कुंभ मेला शुरू होना है। वहीं राज्य में विधानसभा चुनाव भी होंगे।

इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं की वजह से राज्य को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं मानव-वन्यजीव संघर्ष भी करीब-करीब चरम की ओर है। इन समेत विभिन्न सेक्टर में राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक संसाधन जुटाने की चुनौती है। राज्य को उम्मीद है कि वर्ष 2026-27 के बजट में केंद्र सरकार राज्य को कुछ खास तोहफे और सहायता दे सकती है।

बजट का लाइव प्रसारण
रविवार को संसद में पेश हो रहे आम बजट को भाजपा के कार्यकर्ता प्रदेश भर में 78 स्थानों पर लाइव प्रसारण के जरिए सुनेंगे। इसके लिए एलईडी लगाने का निर्णय लिया गया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि देश और प्रदेश के लिए बजट बहुत खास रहने वाला है। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास है कि आम लोगों को भी केंद्र सरकार के इस आम बजट से व्यापक रूप से जोड़ा जाए। इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर पार्टी प्रदेश मुख्यालय के साथ ही विधानसभा और मंडल स्तर पर कुल 78 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया हैमुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि केंद्र सरकार से लगातार राज्य को साथ और सहयोग मिल रहा है। केंद्रीय योजनाओं और आर्थिक सहायताओं में वर्ष 2014 से उत्तराखंड की भागीदारी बढ़ी है। यही वजह है कि वर्तमान में राज्य में 3.5 लाख करोड़ रुपये की केंद्र सहायतित योजनाएं निर्माणधीन है। निसंदेह, वर्तमान बजट से भी राज्य को काफी उम्मीदें हैं।

पूंजीगत सहायता
राज्य को इस वर्ष पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना ( एसएएससीआई) के तहत वर्ष 2025-26 में राज्य को 1,806.49 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता मिली है। इस योजना का लाभ निरंतर जारी रहने की उम्मीद है।

आपदा राहत
उत्तराखंड आपदाओं के लिहाज से बेहद संवेदनशील राज्य है। प्राकृतिक आपदाओं की वजह से बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान के पुनर्निर्माण के लिए जरूरी पूरी धनराशि का भुगतान एसडीआरफ के तहत करने का प्रावधान किया जाए।

वन्यजीव से सुरक्षा
राज्य में मानव वन्यजीव संघर्ष की वजह से काफी नुकसान होता है। जंगली जानवर खेती को नुकसान पहुंचाने के साथ ही लोगों पर हमला कर उनकी जान भी लेने लगे हैं। लिहाजा क्लस्टर आधारित तारबंदी, फैंसिंग की नई योजना-अनुदान मिले।

फ्लोटिंग आबादी
पर्यटन, तीर्थाटन के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग उत्तराखंड आते हैं। यह संख्या सात करोड़ तक आंकी जाती है। इस आबादी के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटाना राज्य के लिए काफी आर्थिक मुश्किलें पैदा करता है।

पेंशन अंशदान
समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं केंद्रांश काफी कम है। राज्य 60 से 79 वर्ष आयु वर्ग की वृद्धावस्था पेंशन में केंद्रांश 200 से बढ़ाकर 500 रुपये किया जाए। उत्तराखंड में 5.61 लाख को 1500 रुपये महीना वृद्धावस्था पेंशन मिलती है।

जल संरक्षण
जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण की वजह से जलस्रोत प्रभावित हुए हैं। राज्य ने भूजल स्तर को सुरक्षित रखने के लिए नए प्रयोग शुरू किए हैं। जल संरक्षण के लिए राज्य के लिए विशेष केंद्र पोषित योजना दी जाए या विशेष अनुदान मिले।

पावर सब्सिडी
उत्तराखंड के दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण काफी मुश्किलों भरा होता है। राज्य में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के लिए दो करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की दर से कुल 8,000 करोड़ की आर्थिक सहायता भी राज्य को अपेक्षित है।

कुंभ सहायता
वर्ष 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेले के लिए राज्य को स्थायी और अस्थायी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होगी। सनातन से जुड़े इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए राज्य को विशेष केंद्रीय सहायता दी जाए।

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