
सुनील सेठी ने बताया कि आगामी 15 तारीख को महाशिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में कावड़ियों एवं श्रद्धालुओं का नगर में आगमन होगा। ऐसे में सभी गंगा घाटों, पुलों एवं प्रमुख मार्गों पर समुचित पथ प्रकाश व्यवस्था, नियमित सफाई तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने विशेष रूप से झूलते एवं टूटे हुए वाई-फाई तारों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि ये तार श्रद्धालुओं के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे कावड़ खंडित होने अथवा श्रद्धालुओं के घायल होने की आशंका बनी रहती है। इन तारों को समय रहते हटाया जाना आवश्यक है।
इसके साथ ही नगर के विभिन्न हिस्सों में लगे अवैध होर्डिंग, डिवाइडरों पर लगे फ्लेक्स और बेतरतीब प्रचार सामग्री को नगर की सुंदरता एवं जन-सुरक्षा के दृष्टिगत हटाने की मांग की गई। गंगा घाटों के आसपास आवारा पशुओं एवं खुले घूम रहे जानवरों को हटाने पर भी जोर दिया गया।
कावड़ यात्रा के दौरान पुलों, पार्किंग स्थलों एवं खुले मैदानों में लगने वाले अस्थायी बाजारों एवं मेलों के पश्चात उत्पन्न होने वाली गंदगी को लेकर भी ज्ञापन में चिंता जताई गई। सुनील सेठी ने मांग की कि मेले या बाजार लगाने वालों से पूर्व निर्धारित रूप से सफाई की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि बाद में संक्रामक रोग फैलने की आशंका से बचा जा सके।
मुख्य नगर आयुक्त महोदय ने ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि महाशिवरात्रि से पूर्व नगर निगम द्वारा समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी तथा संबंधित विभागों को शीघ्र आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए जाएंगे।
इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से
कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुनील मनोचा, भूषण लाल अरोड़ा, सौरभ अरोड़ा एवं सोनू चौधरी उपस्थित रहे।
