बर्फ की सफेद चादर में लिपटे केदारनाथ सहित ऊंचाई वाले स्थान, देहरादून में बारिश; मौसम

संक्षेप:मौसम विभाग की ओर से उत्तराखंड के 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था और साथ ही कुछ इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई थी। 2800 मीटर और उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की प्रबल संभावना जताई गई है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते शुक्रवार को मौसम में बदलाव हुआ है। कई राज्यों में मौसम ने करवट ली है। उत्तराखंड में भी मौसम का मिजाज बदल चुका है। केदारनाथ धाम सहित हिमालय की ऊंचाई वाले स्थान पर आज सुबह से ही बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के चलते केदारनाथ धाम में कंस्ट्रक्शन के काम फिलहाल रुके हैं जबकि यहां मौजूद लोग ठंड के चलते कमरों में बंद हैं। केदारनाथ धाम मंदिर परिसर सहित आसपास की पहाड़ियों में जोरदार बर्फबारी हो रही है। इसके अलावा मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला आदि स्थानों पर भी बर्फबारी हो रही है। मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली है।

ऑरेंज अलर्ट’ जारी
उत्तरकाशी के यमुनोत्री-गंगोत्री धाम और चकराता में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। राजधानी देहरादून में भी सुबह हल्की बूंदाबादी हुई है। मौसम विभाग की ओर से उत्तराखंड के 6 जिलों में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया था और साथ ही कुछ इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई थी। 2800 मीटर और उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की प्रबल संभावना जताई गई है। वहीं मौसम विभाग ने कहा है कि 2300 मीटर तक की ऊंचाई वाले इलाकों में भी हल्की बर्फबारी हो सकती है। यह मौसमी बदलाव 27 जनवरी तक जारी रहने की उम्मीद है।

इस साल की पहली बर्फबारी का इंतजार
रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य के कई इलाकों को अभी भी इस साल की पहली बर्फबारी का इंतजार है। बारिश ने किसानों को राहत की सांस दी है खासकर रबी की फसल पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा क्योंकि बारिश न होने के वजह से फसल पर असर पड़ रहा था। वहीं जनवरी में ही कई इलाकों में जंगल धधक रहे हैं ऐसे में बारिश के वजह से आग से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन ने किया हुआ है अलर्ट
वहीं बदलते मौसम के चलते प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचने की सलाह दी है। झोंकेदार हवाएं चलने के वजह से तापमान में गिरावट आई है और ठिठुरन बढ़ चुकी है। वहीं पर्यटकों से कहा गया है कि वे ऊंचाई वाले इलाकों में आने से पहले मौसम की ताजा अपडेट जरूर लें ताकि किसी भी तरह का परेशानी का सामना न करना पड़े।

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