
देहरादून। विश्व पुस्तक मेला, भारत मण्डपम के हॉल संख्या 2-3 स्थित लेखक मंच पर डॉ. सर्वेश उनियाल और हरीश भट्ट की ट्रैवलर्स हैंडबुक “प्रकृति पथ-नन्दा पथ” का लोकार्पण किया गया। साथ ही नन्दा देवी राजजात 2026 पर परिचर्चा आयोजित हुई। पुस्तक का लोकार्पण दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रमा, यूपी प्रशासनिक अकादमी के पूर्व उपनिदेशक निशीथ कुमार, गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के निदेशक गणेश खुगशाल ‘गणी’, शिक्षाविद् डॉ. पवन मैठाणी तथा महाराष्ट्र से आए हिमालयन ट्रेवलर रामचन्द्र बाबूराव जगताप ने किया। वक्ताओं ने नन्दा देवी राजजात को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत बताते हुए इसे आस्था, प्रकृति, लोक और हिमालयी संस्कृति का अद्भुत संगम कहा।
प्रो. रमा ने पुस्तक को राजजात यात्रियो ं के लिए संपूर्ण मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम मे ं बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही और राजजात को लेकर उत्सुकता स्पष्ट दिखी।
