मिलावटखोरी पर बड़ा प्रहार: पनीर निर्माण इकाई पर आधी रात को छापा, 10 कुंतल संदिग्ध खाद्य सामग्री नष्ट

हरिद्वार/लक्सर, आगामी नवरात्र और दीपावली के त्योहारी सीजन को मद्देनजर रखते हुए आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में लक्सर क्षेत्र के संघीपुर गढ़ी स्थित एक अवैध पनीर निर्माण इकाई पर प्रशासन ने मध्य रात्रि में औचक छापेमारी की। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान लगभग 10 कुंतल संदिग्ध और मिलावटी खाद्य सामग्री को मौके पर ही गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दिया गया।

​उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक्शन

​खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड विनय शंकर पांडेय और हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सख्त निर्देशों के अनुपालन में यह कार्रवाई अंजाम दी गई। अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त गढ़वाल राजेंद्र सिंह रावत ने किया। टीम में सहायक आयुक्त महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेंद्र पांडेय और पवन कुमार शामिल रहे। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से एसपी देहात अभय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल और महिला कांस्टेबल्स ने भी पूरी कार्रवाई में सक्रिय सहयोग दिया।

​प्रतिबंधित पामोलीन ऑयल और मिल्क पाउडर से बन रहा था पनीर

​13 अक्टूबर की मध्य रात्रि और 14 अक्टूबर की सुबह के वक्त की गई इस छापेमारी के दौरान निर्माण स्थल पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं। मौके पर एल्यूमीनियम के बड़े टब, डीप फ्रीजर और बिक्री के लिए संग्रहित लगभग 3 कुंतल तैयार पनीर बरामद हुआ। इसके अलावा, करीब 6 कुंतल पनीर का निर्माण किया जा रहा था।

​जांच में खुलासा हुआ कि संचालक द्वारा स्किम्ड मिल्क पाउडर और रिफाइंड पामोलीन ऑयल बेस्ट चॉइस ब्रांड के 15 किलोग्राम क्षमता वाले 6 भरे हुए टिन, कुल 90 किलोग्राम तेल, 26 खाली टिन और 10 खाली बोरे का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किया जा रहा था। गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड द्वारा गत 7 अगस्त 2026 को ही ‘एनालॉग पनीर’ के निर्माण, संग्रहण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, जिसके बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।

​सामग्री नष्ट, लाइसेंस निलंबित और कानूनी शिकंजा

​कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने मौके पर ही गड्ढा खुदवाकर लगभग 3 कुंतल तैयार पनीर, 6 कुंतल सेमी प्रोसेस्ड पनीर और 90 किलोग्राम पामोलीन ऑयल समेत कुल करीब 10 कुंतल खाद्य पदार्थों को पूरी तरह नष्ट करा दिया। प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए पनीर निर्माण इकाई को अग्रिम आदेशों तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है, मौके पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है और इकाई का खाद्य लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

​पनीर निर्माण इकाई के संचालक ताजिम पुत्र फैयाज, निवासी संघीपुर गढ़ी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के सुसंगत प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही, मौके से खुले पनीर और पनीर निर्माण में इस्तेमाल हो रहे पामोलीन ऑयल के नमूने भरकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेज दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटखोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाने और उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण और सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।

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