
आरोपी को पकड़ने के लिए उस पर 50 हजार रुपए का इनाम भी रखा गया था, लेकिन वो पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था.
देहरादून: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को बड़ी कामयाबी मिली है. हरिद्वार के कनखल में साल 2024 में हुई महंत की हत्या के मामले में फरार चल आरोपी को STF ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पर 50 हजार रुपए का इनाम था. STF ने आरोपी को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान प्रदीप निवासी ऊदपुर, झिझाना, शामली, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है, जो लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था.
साल 2024 में हुई थी विशम्बर दास की हत्या:एसटीएफ के मुताबिक कनखल थाना क्षेत्र स्थित श्रद्धा भक्ति आश्रम में साल 2024 में गुरुजी महंत गोविन्द दास के शिष्य विशम्बर दास (73) की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में कनखल थाने में हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था.
2024 से ही फरार चल रहा था प्रदीप: पुलिस जांच के दौरान मामले में कुल छह आरोपियों के नाम सामने आए थे. इनमें से चार आरोपियों को हरिद्वार पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. वहीं, एक अन्य आरोपी सौरभ उर्फ नीटू को एसटीएफ ने 20 सितंबर 2026 को बागपत से गिरफ्तार किया था, लेकिन छठा आरोपी प्रदीप लगातार फरार चल रहा था, वो पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था.
कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी: प्रदीप की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके घर कुर्की की कार्रवाई भी की थी. उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था. बावजूद इसके उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा था
चंडीगढ़ में कर रहा था डिलीवरी का काम: एसटीएफ ने फरार आरोपी की तलाश में इनपुट जुटाने के साथ मैनुअल पुलिसिंग और लगातार पतारसी-सुरागरसी की. इसी आधार पर एसटीएफ को पता चला कि प्रदीप चंडीगढ़ में रहा था. इसके बाद एसटीएफ ने अपना जाल बिछाया और चंडीगढ़ से प्रदीप को गिरफ्तार किया. पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पंजाब में छोटा हाथी वाहन से सामान की डिलीवरी करने का काम कर रहा था.
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि 50 हजार रुपए का इनामी आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार करने के बाद आज न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है. वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है. साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
