
उत्तराखंड की टिहरी गढ़वाल की सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने अपनी सांसद निधि से आगरा में सड़क और पानी की सुविधा पर एक करोड़ रुपये खर्च किया है। यह धनराशि दो साल में अलग-अलग तिथियों में स्वीकृत की गई। इसका खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) में हुआ है।
उत्तराखंड के कई गांव जहां पेयजल, सिंचाई सहित कई बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं, वहीं राज्य के सांसदों की ओर से अपनी सांसद निधि का एक बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों में खर्च किया जा रहा है। आरटीआई से मिले दस्तावेजों के अनुसार उत्तराखंड के सांसदों ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों में ट्यूबवेल लगवाने, स्कूल भवन निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण और जल निकासी व्यवस्था जैसे कार्यों के लिए 1.33 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
टिहरी गढ़वाल की सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने आगरा जिले पर दरियादिली दिखाई है। शाह ने सासंद निधि आवंटन में आगरा के ग्रामीण इलाकों में फुटपाथ और पैदल मार्ग बनाने के लिए वर्ष 2024 में तीन अलग-अलग किस्तों में कुल 50 लाख रुपये (14 लाख, 11 लाख और 25 लाख) आवंटित किए। वहीं, वर्ष 2025 में आगरा में ही पानी की सुविधा के लिए भारी भरकम राशि आवंटित की है। 20 अप्रैल 2025 को एक ही दिन में 12 अलग-अलग कार्यों के लिए 30 लाख रुपये (प्रति कार्य 2.50 लाख) स्वीकृत किए हैं। इसके बाद 18 जून 2025 को पुनः आठ कार्यों के लिए 20 लाख रुपये आवंटित किए गए।
इस तरह से वित्तीय वर्ष 2024-25 में सांसद राज्य लक्ष्मी शाह की ओर से एक करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई। इसे लेकर लक्ष्मी शाह का कहना है कि उत्तराखंड के लोग पूरे देश में रहते हैं। ऐसे ही कुछ लोग अपनी जरूरतों के लिए मेरे पास आए थे तो कुछ कार्यों के लिए मंजूरी दी गई। टिहरी लोकसभा का विकास मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मेरी निधि का अधिकांश हिस्सा यहीं के विकास कार्यों पर खर्च होता है।
नरेश बंसल ने हरियाणा में खर्च किए 25 लाख
इसी तरह राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने हरियाणा के चरखी दादरी को 25 लाख रुपये दो साल में दिए। पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय के कार्यकाल (2010-16) से संबंधित स्वीकृत एक धनराशि 10 दिसंबर 2025 को आवंटित की गई। उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में जल निकासी व्यवस्था के साथ सड़कों, लिंक रोड और रास्तों के निर्माण के लिए तीन लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
आगरा में चार सांसद, बाहरी कर रहे मदद
आगरा में दो लोकसभा और दो राज्यसभा सदस्य हैं। आगरा से प्रो. एसपी सिंह बघेल, फतेहपुरसीकरी से राजकुमार चाहर सांसद हैं। नवीन जैन भाजपा से और रामजीलाल सुमन सपा से राज्यसभा सदस्य हैं। इन चार सांसदों को सालाना पांच-पांच करोड़ रुपये मिलते हैं। यह राशि मुख्य रूप से उनके अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्य (सड़क, स्कूल, अस्पताल, पेयजल) पर खर्च की जाती है। इसके बाद भी बाहरी प्रदेश के सांसद को भी अपनी निधि का पैसा यहां देना पड़ा।
आगरा सांसद को नहीं है जानकारी
इस संबंध में सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि किसी सांसद ने अपने क्षेत्र से बाहर धनराशि दी है, इस बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने तो अपना सारा पैसा अपने संसदीय क्षेत्र में लगाया है। जब वे राज्यसभा सदस्य रहे तो नियमानुसार अन्य क्षेत्रों में भी लगाया। इधर, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि टिहरी गढ़वाल की सांसद ने जिले में पैसा दिया है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं है।
नियमों की आड़ में बाहर भेजा जा रहा बजट
उत्तराखंड के सांसदों की ओर से राज्य से बाहर धन खर्च करने की यह कार्यवाही केंद्र सरकार के नियमों में हुए बदलाव के कारण संभव हुई है। भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से 13 अगस्त 2024 को जारी एक पत्र के अनुसार, पीएम फंड खर्च में संशोधन किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब एक सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर देश में कहीं भी विकास कार्यों की सिफारिश कर सकता है। हालांकि, इसके लिए एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 50 लाख रुपये की सीमा तय की गई है।
