
मां-बाप का काम अपनी औलाद को अच्छे संस्कार देना होता है। वह सही रास्ते पर चले, ऐसी सीख देते हैं। लेकिन उत्तराखंड के उधमसिंह नगर में उलटा हो गया। यहां मां-बाप अपने नाबालिग बेटे से नशे की तस्करी करा रहे थे। यहां गदरपुर में एक किशोर 33 लाख की स्मैक के साथ पकड़ा गया है। उसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि यह सब काम वो अपने माता-पिता के कहने पर कर रहा था। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है।
गदरपुर कोतवाली पुलिस और एसटीएफ कुमाऊं यूनिट की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने गदरपुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान स्कूटी सवार किशोर से 112.3 ग्राम स्मैक बरामद की है। किशोर ने बताया कि माता- पिता उससे स्मैक की तस्करी करवाते हैं। पुलिस ने नाबालिग को संरक्षण में लेते हुए आरोपी माता-पिता के खिलाफ बीएनएस की धारा 95 में जिले का पहला केस दर्ज किया है।
चेकिंग के दौरान घबरा गया था किशोर
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि शनिवार देर शाम गदरपुर क्षेत्र में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। करतारपुर रोड तिराहे की पुलिया के पास एक स्कूटी सवार किशोर को रोका गया तो वह घबरा गया, संदेह पर पुलिस ने तलाशी ली। उसकी स्कूटी की डिग्गी से 112.3 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 33 लाख रुपये आंकी गई है।
नाबालिग के खुलासे से पुलिस भी हैरान
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि यह स्मैक उसे उसके माता-पिता ने दी थी और पुलिया के पास खड़े एक व्यक्ति को सौंपने के निर्देश दिए थे। पुलिस जांच में साफ हुआ कि माता-पिता ही उससे नशे की तस्करी करवा रहे थे। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मामले में केस दर्ज किया है।
